जालौर कलेक्टर को भी मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ी रात्रि चौपाल, ऊण पंचायत में बिजली कटौती से त्रस्त ग्रामीण।
डॉ. प्रदीप के. गवांडे, जिला कलेक्टर जालौर ने ग्राम पंचायत ऊण में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर आहोर उपखंड अधिकारी रोहित चौहान, आहोर तहसीलदार लधाराम पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। हालांकि, विद्युत विभाग से स्थानीय कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता प्रभात शर्मा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने करीब 15 से 20 शिकायतें रखीं, जिनमें आधे से अधिक शिकायतें अघोषित एवं अनियोजित विद्युत कटौती से संबंधित थीं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन पांच से आठ घंटे की बिजली कटौती के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रात्रि चौपाल के दौरान एक दिलचस्प लेकिन शर्मनाक स्थिति तब उत्पन्न हो गई, जब कलेक्टर ग्रामीणों की बिजली संबंधी शिकायतों पर विचार-विमर्श कर रहे थे और अचानक बिजली गुल हो गई। चौपाल समाप्ति तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। अंततः कलेक्टर को मोबाइल की टॉर्च के उजाले में ही चौपाल की औपचारिकता पूरी करनी पड़ी और कार्यक्रम को बीच में ही समाप्त कर रवाना होना पड़ा।
इस रात्रि चौपाल में स्थानीय सरपंच मगनलाल राजपुरोहित, उपसरपंच कस्तूरजी, भूअभिलेख अधिकारी कृष्णपाल सिंह, अर्जुनसिंह करणोत, यशपाल सिंह, दशरथ सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित रमेश राजपुरोहित, गोपाराम मेघवाल आदि बड़ी संख्या में पुरुष व महिलाएं उपस्थित रहे।


